Russia WhatsApp Ban: व्हाट्सएप को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, रूस ने आज से WhatsApp पर पूरी तरह रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार ने मेटा कंपनी के इस लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप को देश में ब्लॉक कर दिया है। इस संदर्भ में क्रेमलिन ने साफ कहा है कि यह फैसला रूसी कानूनों के उल्लंघन के चलते लिया गया है।
बता दें कि रूस सरकार की तरफ से WhatsApp को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन नियमों का पालन नहीं करते हुए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
MAX मैसेंजर को क्यों बढ़ावा?
WhatsApp पर बैन के बाद रूसी सरकार अब लोगों को MAX मैसेंजर इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है। बता दें कि यह एक तरह से सरकारी समर्थित एप है, जिसे घरेलू संचार जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस ऐप को लेकर सरकार का दावा है कि MAX ज्यादा सुरक्षित है और रूस के डेटा सुरक्षा नियमों के अनुरूप काम करता है।
WhatsApp को क्यों किया गया ब्लॉक?
खबरों के अनुसार, पिछले 6 महीनों के अंतर्गत WhatsApp पर रूस में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला है। खासतौर पर युद्धकालीन हालात में रूस अपने स्वदेशी डिजिटल सिस्टम को काफी हद तक मजबूत करना चाहता है। रूस सरकार की तरफ से इन दिनों WhatsApp पर कई गंभीर आरोप हैं।
- कंपनी ने रूस में अपना स्थानीय कार्यालय नहीं खोला
- आतंकवाद और ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग नहीं किया
- अदालतों के आदेश के बावजूद प्रतिबंधित कंटेंट नहीं हटाया

WhatsApp की प्रतिक्रिया
रूस के इस फैसले पर WhatsApp ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। कंपनी का कहना है कि रूसी में जानबूझकर WhatsApp को बंद किया जा रहा है, ताकि लोग एक सरकारी मैसेजिंग ऐप (Government Messaging App) का इस्तेमाल करने को मजबूर हो सके।
यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
खबरों के अनुसार, WhatsApp के डोमेन को रूस के नेशनल रजिस्टर से हटा दिया गया है, जिसका साफ मतलब होता है कि अब से आम यूजर्स सीधे ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। फिलहाल लोग केवल VPN के जरिए ही WhatsApp का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन यह तरीका भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
पहले भी लग चुका है WhatsApp पर प्रतिबंध
WhatsApp पर इस तरह की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है, जब रूस ने WhatsApp पर कार्रवाई की हो। अगस्त 2025 में WhatsApp समेत कई विदेशी मैसेंजर सेवाओं पर आंशिक पाबंदियां लगाई गई थीं, जिससे कॉलिंग सुविधाएं बाधित हो गई थीं। रूसी अदालतें पहले भी प्रतिबंधित कंटेंट न हटाने पर WhatsApp पर जुर्माना लगा चुकी हैं।
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