Saurabh Rajput Murder Case: मेरठ के चर्चित सौरभ मर्डर केस में बड़ा फैसला, मुस्कान और साहिल को मिली फांसी की सजा

Saurabh Rajput Murder Case: मेरठ के चर्चित सौरभ मर्डर केस में बड़ा फैसला

Saurabh Rajput Murder Case: मेरठ के सोरभ राजपूत मर्डर केस को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। बता दें चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद सौरभ की मां रेनू देवी ने संतोष जताते हुए कहा कि उन्हें आखिरकार न्याय मिला है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें यह दर्दनाक मामला साल 2025 में सामने आया था, जब सौरभ राजपूत की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़ों को सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाने का आरोप लगा था। ऐसे में गलत काम का परिणाम छुपाया नहीं जाता है, वैसे ही आरोपियों को भी उनकी गलती की सजा फांसी सुनाई है। आइए यहां पढ़ें पूरी खबर

मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा क्यों मिली?

मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई। दोनों पर सौरभ की हत्या करने और उनके शव के टुकड़ों को छिपाकर सबूत मिटाने की कोशिश करने का आरोप था। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों, गवाहों के बयानों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार किया।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और धारा 238 के तहत सजा सुनाए जाने की बात सामने आई है। धारा 103(1) हत्या से संबंधित है, जबकि धारा 238 अपराध के सबूत मिटाने से जुड़ी है। अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

सौरभ राजपूत की मां ने जताई खुशी

अदालत के फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने राहत और संतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से न्याय की उम्मीद कर रहा था और अब उन्हें लगता है कि उनकी लड़ाई सफल हुई है। उन्होंने इस मामले में पैरवी करने वाले वकीलों और सहयोग करने वाले लोगों का भी आभार जताया।

रेनू देवी ने परिवार की बच्ची को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि बच्ची के नाना-नानी उसे बिना किसी शर्त के उनके हवाले कर देते हैं, तो वे उसे अपने साथ रखने के लिए तैयार हैं। उनका यह बयान भी चर्चा का विषय बना, क्योंकि इस हत्याकांड का असर केवल सौरभ के परिवार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे जुड़े अन्य पारिवारिक रिश्ते भी प्रभावित हुए।

589 दिन बाद आया फैसला, 126 बार हुई सुनवाई

सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत का फैसला लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आया। उपलब्ध मामले के विवरण के अनुसार, इस मुकदमे में 126 अदालती सुनवाइयां हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने जांच के बाद करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।

30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या तथा सबूत मिटाने की कोशिश से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा पर सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध सबूतों के आधार पर कड़ी सजा की मांग की थी।

सौरभ की मां पहले ही कह चुकी थीं कि यदि अदालत से उन्हें अपेक्षित सजा नहीं मिलती, तो वे आगे की कानूनी लड़ाई लड़ेंगी। परिवार के लिए यह मामला केवल एक आपराधिक मुकदमा नहीं, बल्कि अपने बेटे की हत्या के मामले में न्याय पाने की लंबी लड़ाई भी रहा।

क्या है मेरठ का नीले ड्रम वाला हत्याकांड?

सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी के पूर्व अधिकारी थे। मामले के अनुसार, 3 मार्च 2025 को उनकी हत्या कर दी गई थी। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि मुस्कान और साहिल ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने वारदात से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की। आरोपियों द्वारा कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की खरीदारी और शव को छिपाने की तैयारी से जुड़े तथ्यों की भी जांच की गई। फोरेंसिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को मामले की जांच और सुनवाई में महत्वपूर्ण माना गया। इस घटना की क्रूरता और शव को छिपाने के तरीके के कारण यह मामला देशभर में सुर्खियों में रहा। सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफी चर्चा हुई।

18 मार्च को कैसे खुला हत्या का राज?

मामले के विवरण के अनुसार, 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई राहुल के घर पहुंचने के बाद घटना का खुलासा हुआ। घर में संदिग्ध परिस्थितियां और दुर्गंध मिलने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने मौके की पड़ताल की और इसके बाद हत्याकांड से जुड़ी जानकारी सामने आई।

जांच में पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की। अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। इसी प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

क्यों चर्चा में रहा सौरभ राजपूत मर्डर केस?

सौरभ राजपूत हत्याकांड कई वजहों से चर्चा में रहा। पहला, हत्या की कथित साजिश और शव को नीले ड्रम में छिपाने का तरीका। दूसरा, मामले में सामने आए पारिवारिक रिश्तों से जुड़े पहलू। तीसरा, लंबी सुनवाई और पीड़ित परिवार की न्याय की मांग।

मेरठ की अदालत के फैसले के बाद सौरभ के परिवार ने संतोष जताया है। हालांकि, मौत की सजा के मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए इस मामले की आगे की स्थिति पर भी नजर बनी रहेगी।

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