Sleep Behavior Disorder: आज की भागदौड़ भरी जिदंगी में अच्छी नींद को सेहत का सबसे बड़ा इलाज है। क्योंकि जब हम गहरी नींद में सोते हैं, तो इससे हमारे शरीर और दिमाग दोनों को ही आराम मिलता है। इसके अलावा, हम खुद को दिनभर मेहनत करने के लिए ताकत भी मिलती है। जब आप सोते हैं, तो सपने आना सामान्य है, लेकिन कुछ मामलों में कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि सपना देखते समय उनका शरीर भी उसी तरह प्रतिक्रिया (Sleep Behavior Disorder) करता है। जैसे कि- कुछ लोग नींद में बात करने लगते हैं, हाथ-पैर चलाने लगते हैं या अचानक डरकर उठ बैठते हैं। इन परेशानियों को अक्सर परिवार के लोग मामूली बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। बता दें कि अगर यह दिक्कत पहली बार हो और फिर कभी नहीं, तो ठीक है, लेकिन अगर ऐसा बार-बार हो रहा है तो यह नींद से जुड़ी एक गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
क्या है यह समस्या?
REM Sleep Behavior Disorder (RBD) नींद यह समस्या यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति अपने सपनों के अनुसार शारीरिक हरकतें करने लगता है। सामान्य रूप से जब हम गहरी नींद के REM चरण में होते हैं, क्योंकि उस दौरान हमारा दिमाग मांसपेशियों को अस्थायी रूप से शांत कर देता है, ताकि शरीर सपनों के मुताबिक प्रतिक्रिया न दे।
लेकिन RBD में यह प्रक्रिया ठीक से काम नहीं करती है। इसी वजह से व्यक्ति सोते समय अपने हाथ-पैर चलाता है, अचानक चिल्ला सकता है या झटके से उठ भी सकता है। कई बार यह हरकतें इतनी तेज होती हैं कि व्यक्ति खुद को या अपने पास सो रहे लोगों को चोट भी पहुंचा सकता है।
कब आते हैं ज्यादा सपने?
नींद सिर्फ एक तरह की नहीं होती है, बल्कि यह कई चरणों में पूरी होती है और इनमें से REM स्टेज सबसे अहम मानी जाती है। इसी दौरान दिमाग सबसे ज्यादा सक्रिय रहता है और ज्यादातर सपने भी इसी समय आते हैं। वही, जिन लोगों को RBD की समस्या होती है, उनमें यह सुरक्षा तंत्र सही तरह काम नहीं कर पाते हैं। ऐसी स्थिति में व्यक्ति अपने सपनों के मुताबिक, अजीबो-गरीब हरकतें करना शुरू कर देते हैं।

किन लोगों में है यह ज्यादा खतरा?
- रिसर्च के अनुसार, यह समस्या आमतौर पर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती है
- पुरुषों में इसका खतरा थोड़ा अधिक होता है।
- यह समस्या कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से भी जुड़ी होती है।
- इस पर विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मामलों में यह पार्किंसंस जैसी बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है।
कैसे होती है जांच?
नींद की इस परेशानी का सही से पता करने के लिए डॉक्टर स्लीप स्टडी टेस्ट करवाते हैं। इस टेस्ट में पूरी रात व्यक्ति की नींद, दिमाग की गतिविधियों, सांस और शरीर की हरकतों को रिकॉर्ड होती है, जिसेक आधार पर व्यक्ति का सही कारण समझकर डॉक्टर इलाज करते हैं।
नींद की परेशानी में कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर किसी व्यक्ति को नींद में बार-बार हाथ-पैर चलाने, चिल्लाने या अचानक डरकर उठने जैसी समस्या हो रही है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर जांच और सही इलाज से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
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