UGC New Rules: यूजीसी नियमों को लेकर बगावत शुरू, 11 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, जानें क्यों?

UGC कानून पर 11 नेताओं का सामूहिक इस्तीफा

UGC New Rules: उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दरअसल, लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों के विरोध में जिला बीजेपी के 11 पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

बता दें कि यह मामला लखनऊ के 169 विधानसभा क्षेत्र बख्शी का तालाब के अंतर्गत कुम्हरावां मंडल से जुड़ा है। जहां मंडल महामंत्री अंकित तिवारी ने UGC के नए कानून (UGC’s New Laws) के विरोध में सबसे पहले इस्तीफा सौंपा दिया और फिर उनके साथ मंडल के 10 अन्य पदाधिकारियों ने भी सामूहिक रूप से अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया।

पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप

अंकित तिवारी ने अपने इस्तीफे में पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि बीजेपी अपने मूल विचारों और सिद्धांतों से भटकती नजर आ रही है। तिवारी ने अपने पत्र में पंडित दीन दयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Pandit Deen Dayal Upadhyay and Dr. Shyama Prasad Mukherjee) का जिक्र करते हुए कहा कि जिन उद्देश्यों और विचारधाराओं पर पार्टी की नींव रखी गई थी, आज उनसे समझौता किया जा रहा है।

UGC नियमों के विरोध में बीजेपी में बगावत
UGC नियमों के विरोध में बीजेपी में बगावत

पार्टी के लिए विनाशकारी कदम

अधिकारियों ने UGC के नए नियमों को लागू (Implementation of new UGC Rules) करने के फैसले को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों की ओर से “विनाशकारी कदम” बताया है। वही, अंकित तिवारी का साफ कहा है कि यह फैसला भविष्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि पार्टी का वैचारिक मिशन धीरे-धीरे खोखला होता जा रहा है। इसी कारण वे न केवल अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं, बल्कि भविष्य में पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।

UGC का नया नियम क्या है? (What is the New Rule of UGC?)

  • यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (University Grants Commission) ने 15 जनवरी 2026 से देशभर में नए नियम लागू किए हैं।
  • नए नियमों का मुख्य उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव को खत्म करना है।
  • UGC के अनुसार, किसी भी छात्र के साथ उसकी जाति, जेंडर या सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
  • ये नए नियम (New Rules) साल 2012 में बने पुराने नियमों की जगह लेंगे।
  • UGC का साफ कहना है कि पुराने नियम (Old Rules) समय के साथ अप्रासंगिक हो चुके थे, इसलिए उन्हें और अधिक स्पष्ट और सख्त बनाया गया है, ताकि छात्रों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके।

हर कॉलेज में ‘इक्विटी सेल’

नए नियमों के तहत भारत के सभी सरकारी और निजी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में ‘इक्विटी सेल’ (Equity Sale) बनाना जरूरी है। किसी छात्र को भेदभाव का सामना करना पड़ता है, तो वह इस सेल में शिकायत दर्ज करा सकता है। संस्थान को शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।

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