CM Yogi Warning: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस कर्मियों को ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वर्दी में रहते हुए और ड्यूटी के समय रील बनाना अनुशासनहीनता है, जिससे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होती है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर और सतर्क रहना चाहिए, न कि सोशल मीडिया (Social Media) पर लोकप्रियता हासिल करने में समय गंवाना चाहिए।
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में दिया संदेश
17 जून 2026 को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रील बंद को लेकर यह बात कही। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board) द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण के लिए आयोजित किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नई भर्ती हुए कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और तकनीकी दक्षता का महत्व समझाया।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। ऐसे में प्रत्येक कर्मचारी का व्यवहार और कार्यशैली पूरे विभाग की छवि को प्रभावित करती है।
‘ड्यूटी के समय रील बनाना अनुशासनहीनता’
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ा है और कई लोग ड्यूटी के दौरान भी वीडियो और रील बनाने में व्यस्त दिखाई देते हैं। उन्होंने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया।
सीएम योगी ने कहा, “हम अक्सर देखते हैं कि कुछ लोग ड्यूटी के दौरान रील (Reel) बनाते रहते हैं। यह अनुशासनहीनता का हिस्सा है। उस समय हमारा पूरा ध्यान अपने कर्तव्य पर होना चाहिए। हमें अपने काम के प्रति सजग और गंभीर रहना होगा, तभी हम बेहतर परिणाम दे पाएंगे।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिसकर्मियों का प्राथमिक दायित्व जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। यदि ड्यूटी के दौरान ध्यान भटकता है तो इससे कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
ड्यूटी के दौरान बहुत सारे लोग Reel बनाते रहते हैं,
ये अनुशासनहीनता है… pic.twitter.com/EWupV0wSDk
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 17, 2026
‘हंसी का पात्र बनने से बचें’
मुख्यमंत्री योगी ने पुलिसकर्मियों को सार्वजनिक छवि को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे विभाग या कर्मचारी अनावश्यक रूप से आलोचना का शिकार बनें। उन्होंने कहा, “कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे हम हंसी का पात्र बनें। कई बार लोग खुद अपना काम सही तरीके से नहीं करते और फिर सिस्टम पर सवाल उठाने लगते हैं। जिसकी जहां जिम्मेदारी है, यदि वह ईमानदारी से अपना काम करेगा तो अच्छे परिणाम स्वतः सामने आएंगे।”
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर कई पुलिसकर्मियों के डांस, एक्टिंग और रील वीडियो वायरल होने के मामले सामने आते रहे हैं। इन वीडियो को लेकर अक्सर विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल भी उठते हैं।
नए कर्मचारियों को बनाया ‘डिजिटल वॉरियर’
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को आधुनिक तकनीक के महत्व से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस तेजी से डिजिटल और तकनीकी रूप से सशक्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से “डिजिटल वॉरियर” की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें पुलिस विभाग के सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म, एप्लिकेशन और साइबर सुरक्षा प्रणालियों की गहरी जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि तकनीक का सही उपयोग अपराध नियंत्रण, डेटा प्रबंधन और जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसलिए नए कर्मचारियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ सुरक्षा मानकों की भी पूरी समझ विकसित करनी होगी।
पुलिस विभाग में अनुशासन पर सरकार का फोकस
उत्तर प्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) लगातार पुलिस विभाग को आधुनिक और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रही है। नई तकनीकों के उपयोग के साथ-साथ विभागीय अनुशासन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री का यह संदेश स्पष्ट संकेत देता है कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही या सोशल मीडिया गतिविधियों को अब गंभीरता से लिया जाएगा।
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