US-Israel Airstrike Iran News: ईरान में आज एक बेहद दर्द दहला देने वाली घटना हुई है। दरअसल, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में स्कूल पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस हमले में अबतक करीब 36 छात्राओं की मौत हो गई है। यह घटना दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में हुई।
बता दें कि लोगों का मानना है कि ऐसे ही रहा तो जल्द ही तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो सकता है।
स्कूल पर हमला, पूरे इलाके में मातम
खबरों के अनुसार, हालिया सैन्य अभियान के दौरान हुए इस हवाई हमले में स्कूल की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह धमाके इतने तेज था कि हमला होते ही स्कूल आसपास के घर भी हिल गए। राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि मृतकों में ज्यादातर कम उम्र की छात्राएं है, जिससे कारण पूरे देश में शोक और गुस्से का माहौल बना हुआ है।
अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने दावा किया है कि यह हमला संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान के कई इलाकों पर किया है। परिषद के मुताबिक, दुश्मन यह सोच रहा है कि इन हमलों से ईरानी जनता दबाव में आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होगा। परिषद ने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है और देश की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

स्कूल-कॉलेज बंद
ईरान सरकार ने सुरक्षा हालात को देखते हुए स्कूल और विश्वविद्यालय बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, जरूरी सेवाएं जारी रहेंगी। जैसे कि-
- बैंकों को खुला रखा गया है
- सरकारी दफ्तर फिलहाल 50% स्टाफ के साथ काम करेंगे।
- जरूरी सामान और सेवाओं की कोई कमी नहीं होगी और घबराने की जरूरत नहीं है।
ईरान का रुख ‘हम युद्ध नहीं चाहते थे’
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का खुला उल्लंघन किया है। मंत्रालय के अनुसार, हवाई हमलों में रक्षा प्रतिष्ठानों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि संभावित सैन्य खतरे के बावजूद ईरान ने पहले अंतरराष्ट्रीय समुदाय (International community) और अन्य देशों के साथ बातचीत का रास्ता चुना था, ताकि तनाव को टाला जा सके। लेकिन मौजूदा हालात में देश की रक्षा करना जरूरी हो गया है।
कड़ा और निर्णायक जवाब देंगे
ईरानी विदेश मंत्रालय (Iranian Foreign Ministry) ने दोहराया कि जैसे ईरान बातचीत के लिए तैयार था, वैसे ही वह किसी भी युद्ध का जवाब देने में भी पूरी तरह सक्षम है। मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने कभी बाहरी हमलों के आगे घुटने नहीं टेके हैं और इस बार भी प्रतिक्रिया ऐसी होगी कि हमलावर अपने कदम पर पछताएंगे।
परमाणु हथियारों का मौका नहीं देंगे
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभियान ऑपरेशन लायन रोर का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ईरान का मौजूदा शासन “खूनी आतंकवादी शासन” है और अगर उसे परमाणु हथियार हासिल करने दिया गया, तो यह पूरी मानवता के लिए खतरा बन जाएगा।
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