Vande Mataram: भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम है, जिसके इस वर्ष 150 साल पूरे हुए है। इस उपलक्ष्य पर देशभर में इतिहास में इसकी अनूठी भूमिका को याद किया जा रहा है। वही, इसके सम्मान और शिष्टाचार को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एडवायजरी जारी की है, जिसमें साफ कहा गया है कि वंदे मातरम कब गाया जाए, कितना गाया जाए, कहां और किस तरह से इसका गायन हो।
बता दें कि गृह मंत्रालय ने यह निर्देश सार्वजनिक और सरकारी कार्यक्रमों में एकरूपता और गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किए हैं। आइए इसके बारे में यहां विस्तार से जानते हैं।
वंदे मातरम् पर गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइन (Home Ministry’s new guidelines on Vande Mataram)
गृह मंत्रालय की ओर से जारी की गई नई एडवायजरी कुल चार पन्नों की है, जिसमें वंदे मातरम के छह छंदों वाले आधिकारिक संस्करण को जरूरी बताया गया है। इसके अनुसार, वंदे मातरम के पूरे गायन में लगभग 3 मिनट 10 सेकंड का समय लगता है।
मंत्रालय ने यह भी कहा है कि जब किसी कार्यक्रम में राष्ट्रगीत (Vande Mataram) और राष्ट्रगान (जन गण मन) दोनों का गायन या वादन होना हो, तो पहले वंदे मातरम और उसके बाद राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों का खड़े होना अनिवार्य है।
मंत्रालय की चार भागों में जारी हुई एडवायजरी
- गृह मंत्रालय ने वंदे मातरम के गायन को लेकर एडवायजरी को चार हिस्सों में बांटा है।
- पहले भाग में वंदे मातरम का आधिकारिक पूरा पाठ दिया गया है।
- दूसरे भाग में राष्ट्रीय गीत के वादन से जुड़े निर्देश शामिल हैं।
- तीसरे भाग में सामूहिक गायन की प्रक्रिया बताई गई है।
- चौथे भाग में सामान्य रूप से गायन से संबंधित नियमों को समझाया गया है।

इन सरकारी कार्यक्रमों में होगा अनिवार्य
- एडवायजरी के अनुसार, कई आधिकारिक और राजकीय समारोहों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य होगा। इनमें सिविल सम्मान समारोह, औपचारिक राजकीय कार्यक्रम और सरकार द्वारा आयोजित अन्य कार्यक्रम शामिल हैं।
- राष्ट्रपति किसी भी समारोह में आते हैं या वहां से प्रस्थान करते समय भी वंदे मातरम गाया या बजाया जाएगा। इसके अलावा, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संदेश के प्रसारण से पहले और बाद में भी वंदे मातरम अनिवार्य होगा।
- राज्यपाल और उपराज्यपाल के राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में औपचारिक कार्यक्रमों के दौरान आगमन और प्रस्थान पर भी इसका गायन किया जाएगा। साथ ही, जब राष्ट्रीय ध्वज को परेड में लाया जाए, तब भी वंदे मातरम गाया जाएगा।
सामूहिक गायन को लेकर निर्देश
मंत्रालय की एडवायजरी में अनुसार, परेड को छोड़कर अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों या समारोहों में, जब राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए, उस वक्त भी वंदे मातरम गाया या बजाया जाएगा। जिन अवसरों पर यह गीत प्रस्तुत किया जाए, वहां सामूहिक रूप से और आधिकारिक संस्करण के अनुसार गायन किया जाना चाहिए।
स्कूलों के लिए खास आदेश
गृह मंत्रालय ने स्कूलों के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी विद्यालयों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत के सहगान से होनी चाहिए। स्कूल प्रबंधन को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे छात्रों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाएं तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति श्रद्धा को मजबूत करें।
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