Jio Platforms IPO ने बनाया रिकॉर्ड, 7 लाख करोड़ से अधिक की मांग, 1.38 करोड़ से अधिक निवेशकों ने लगाया दांव

Jio Platforms IPO ने बनाया रिकॉर्ड

Jio Platforms IPO Record: पिछले कुछ दिनों से भारतीय मार्किट में Jio IPO बहुत ही तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, इन दिनों रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को शानदार प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि आईपीओ के लिए 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मांग दर्ज की गई और 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए। कंपनी के मुताबिक, यह निवेशकों की भागीदारी के लिहाज से दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ है।

Jio Platforms IPO निवेशकों में दिखा जबरदस्त उत्साह

खबरों के मुताबिक, इन दिनों भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ ने नया रिकॉर्ड बनाया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इस आईपीओ के लिए कुल मांग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही। वहीं, आवेदन करने वाले निवेशकों की संख्या 1.38 करोड़ के पार पहुंच गई।

कंपनी के अनुसार, दुनिया में अब तक किसी भी आईपीओ के लिए इतनी बड़ी संख्या में आवेदन नहीं आए हैं। इस प्रतिक्रिया से जियो प्लेटफॉर्म्स की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग (Stock Market Listing) को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी साफ दिखाई देती है। आईपीओ को मिली इस मांग ने भारतीय पूंजी बाजार में भी एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।

30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का कुल आकार 30,213 करोड़ रुपये बताया गया है। कंपनी ने इस पेशकश के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी किए। इसके मुकाबले निवेशकों ने कुल 655.68 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। तीन दिन तक चली बोली प्रक्रिया के आखिरी दिन आईपीओ को कुल 22.2 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसका मतलब है कि कंपनी की ओर से पेश किए गए शेयरों की तुलना में निवेशकों ने कई गुना ज्यादा शेयर खरीदने की मांग की।

आईपीओ में इतनी बड़ी संख्या में बोलियां मिलने से यह भारतीय पूंजी बाजार (Indian Capital Market) के सबसे चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो गया है। निवेशकों की इस भागीदारी को जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार और भविष्य की संभावनाओं में भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है।

इन निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिखाई दिलचस्पी

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में सबसे ज्यादा उत्साह योग्य संस्थागत खरीदारों यानी QIB की श्रेणी में देखने को मिला। इस श्रेणी को 70.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसका मतलब है कि संस्थागत निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित शेयरों की तुलना में काफी अधिक मांग दर्ज कराई।

वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII की श्रेणी 14 गुना सब्सक्राइब हुई। इस श्रेणी में बड़े व्यक्तिगत निवेशक और अन्य गैर-संस्थागत निवेशक शामिल होते हैं। खुदरा निवेशकों की श्रेणी को 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से को 2.93 गुना और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से को 7.6 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसके अलावा, एंकर निवेशकों की श्रेणी में भी आवंटित शेयरों के मुकाबले 30 गुना से अधिक मांग की जानकारी दी गई है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि आईपीओ को अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली।

10.3 लाख करोड़ तक है जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यू

बताया जा रहा है कि आईपीओ के मूल्यांकन के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स की कुल कीमत करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये यानी लगभग 109 अरब डॉलर आंकी गई है। इस मूल्यांकन के साथ कंपनी भारतीय शेयर बाजार में बड़ी कंपनियों की श्रेणी में शामिल हो गई है। जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार डिजिटल सेवाओं और दूरसंचार से जुड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। कंपनी की संभावित लिस्टिंग को देखते हुए बाजार की नजर इसके मूल्यांकन और शेयरों के प्रदर्शन पर बनी हुई है।

आईपीओ के जरिए कंपनी ने नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाने का रास्ता चुना है। इस पेशकश में मौजूदा शेयरधारकों की ओर से अपने शेयर बेचने के बजाय नए शेयर जारी किए गए हैं। इससे आईपीओ से मिलने वाली रकम कंपनी को प्राप्त होगी, जबकि मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयर बेचकर रकम जुटाने का विकल्प इस्तेमाल नहीं किया गया।

लिस्टिंग पर 15 प्रतिशत तक मिलेगा लाभ

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिली भारी मांग के बाद शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। उपलब्ध अनुमान के अनुसार, शेयर की लिस्टिंग पर करीब 15 प्रतिशत तक लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। अगर शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद इसका भाव अनुमानित स्तर तक पहुंचता है, तो जियो प्लेटफॉर्म्स बाजार पूंजीकरण के मामले में भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बनने की स्थिति में आ सकती है। हालांकि, लिस्टिंग पर मिलने वाला लाभ अभी केवल एक अनुमान है। वास्तविक शेयर मूल्य बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और लिस्टिंग के दिन होने वाले कारोबार पर निर्भर करेगा। इसलिए आईपीओ में मिली भारी मांग को भविष्य में शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं माना जा सकता।

जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग पर बाजार की नजर

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को मिली रिकॉर्ड मांग ने भारतीय शेयर बाजार में एक बड़ी चर्चा पैदा की है। 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मांग, 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन और 22.2 गुना सब्सक्रिप्शन इस आईपीओ की प्रमुख खासियतें हैं। अब निवेशकों की नजर कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग और उसके बाद होने वाले प्रदर्शन पर रहेगी। हालांकि, किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के मूल्यांकन, जोखिम और बाजार की परिस्थितियों को समझना जरूरी है। भारी सब्सक्रिप्शन अपने आप में भविष्य में मुनाफे की गारंटी नहीं देता।

ये भी पढ़ें:  हरियाणा में 40 हजार बिजली कर्मचारियों की हड़ताल हुई खत्म, सीएम सैनी का बड़ा ऐलान

Recent Posts