SIR 2026 Update: भारत के 23 राज्यों में होगा SIR, वोटर लिस्ट अपडेट के लिए जारी हुआ नया नियम, पढ़ें पूरी खबर

SIR 2026 Update

SIR 2026 Update: देश की चुनावी व्यवस्था को और पारदर्शी के साथ सटीक बनाने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के द्वारा भारत के लगभग हर एक राज्य में SIR की प्रक्रिया शुरू की है। दरअसल, आयोग ने SIR को लेकर एक बड़ी अपडेट दी है। आज से 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कराने का ऐलान कर दिया गया है। इस संबंध में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को पत्र भेजा जाएगा, ताकि इसकी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया 1 अप्रैल 2026 से शुरू की जाएगी।

बता दें कि इससे पहले भी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की प्रक्रिया (SIR Process) जारी है। बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

इन राज्यों में होगा SIR?

भारत के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब SIR की जाएगी। जिन राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू होगी, उनके नाम कुछ इस प्रकार से हैं। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल हैं।

वहीं, अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में पहले से ही SIR जारी है।

SIR 2026 Update
SIR 2026 Update

क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी विशेष गहन पुनरीक्षण SIR एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट किया जाता है। चुनाव आयोग समय-समय पर मतदाता सूची की समीक्षा करता है, लेकिन SIR एक व्यापक और गहन प्रक्रिया होती है।

इसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की पहचान सत्यापित करते हैं। मृत मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाता है और यदि किसी नाम या पते में गलती हो तो उसे सुधारा जाता है।

SIR कराने का उद्देश्य (Purpose of Conducting SIR)

चुनाव आयोग ने 1951 से 2004 तक देशभर में 8 बार SIR कराया है। अब करीब 21 साल बाद फिर से व्यापक स्तर पर यह प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

  • नए मतदाताओं को जोड़ना
  • मृत मतदाताओं के नाम हटाना
  • डुप्लीकेट या अवैध नामों की पहचान करना
  • स्थान बदल चुके मतदाताओं का रिकॉर्ड अपडेट करना
  • अवैध प्रवासियों की पहचान करना

कैसे चलेगी SIR की प्रक्रिया? (How will the SIR process work?)

मिली जानकारी के अनुसार, हर विधानसभा क्षेत्र में पोलिंग बूथ तय किए जाएंगे। प्रत्येक क्षेत्र में एक इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) नियुक्त होगा, जो आमतौर पर एसडीएम स्तर के अधिकारी होंगे। हर पोलिंग स्टेशन पर लगभग 1000 मतदाता दर्ज होंगे और वहां एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तैनात रहेगा।

तहसील स्तर पर असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे। यदि ERO कोई आदेश जारी करता है, तो उसके खिलाफ पहली अपील जिला मजिस्ट्रेट के पास और दूसरी अपील राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के CEO के पास की जा सकेगी।

सभी नियुक्तियों के बाद एक आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी होगा, जिसमें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, आपत्तियां दर्ज कराने और फाइनल सूची जारी करने की तारीखों का ऐलान होगा।

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